सावन के दूसरे सोमवार को अवंतिकानाथ बाबा महाकाल जब चांदी की पालकी में ‘चंद्रमौलेश्वर’ और हाथी पर ‘मनमहेश’ रूप में नगर भ्रमण पर निकले, तो पूरी उज्जैन नगरी ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठी। रामघाट से लेकर महाकाल मंदिर के पूरे मार्ग पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। श्रद्धालुओं की इस अनोखी और अगाध भीड़ को संभालने के लिए उज्जैन पुलिस ने पहले ही मेगा रिहर्सल की थी। चप्पे-चप्पे पर ड्रोन कैमरों और रस्सा पार्टी की मदद से सुरक्षा बल बेहद सख्त और एक्टिव नजर आए, जिससे इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद बाबा के दर्शन सुचारू रूप से हो सके।
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