139 प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं और 140 आंगनबाड़ियों में

विदिशा। बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जैन समाज द्वारा एक अनोखी और ऐतिहासिक पहल की गई है। जैन समाज के सहयोग से नगर के 50 हजार बच्चों को निशुल्क स्वर्ण प्राशन आयुर्वेदिक औषधि पिलाई जाएगी। यह आयोजन पुष्य नक्षत्र के अवसर पर किया जा रहा है। माधवगंज स्थित दिगंबर जैन मंदिर में निर्यापक श्रवण मुनि श्री संभवसागर महाराज ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों की भूमि है और आज पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति की ओर देख रही है। उन्होंने कहा कि भले ही हम पश्चिमी संस्कृति की ओर बढ़ रहे हों, लेकिन पश्चिम आज भी भारत की जीवनशैली और आयुर्वेद को अपनाने की कोशिश कर रहा है। मुनि श्री ने बताया कि वर्ष 2014 में विदिशा चातुर्मास के दौरान गुरुदेव ने इंडिया नहीं, भारत बोलो का संदेश दिया था। आचार्य गुरुदेव की भावना थी कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को फिर से घर-घर तक पहुंचाया जाए। कोरोना काल में आयुर्वेद की भूमिका इसका बड़ा उदाहरण रही है। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के द्वितीय समाधि दिवस 27 जनवरी के अवसर पर इस अभियान की शुरूआत 8 जनवरी से नगर में जनसेवा कार्य के रूप में की जा रही है। इसके तहत नगर की 139 प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं और 140 आंगनबाड़ियों के माध्यम से बच्चों को स्वर्ण प्राशन पिलाया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए लगभग 500 स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। जो बच्चे स्कूल या आंगनबाड़ी से जुड़े नहीं हैं, उन्हें माधवगंज केंद्र पर स्वर्ण प्राशन की खुराक दी जाएगी। बच्चों को औषधि पिलाने से पहले अभिभावकों की अनुमति ली जाएगी। प्रवक्ता अभिनाश जैन ने बताया कि स्वर्ण प्राशन संस्कार के तहत 0 से 16 वर्ष तक के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार आयुर्वेदिक औषधि दी जाएगी। कुछ दिन पूर्व विदिशा प्रवास के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों को स्वर्ण प्राशन पिलाकर इस अभियान की शुरूआत की थी। यह पूरा कार्यक्रम जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।